पाँच दिन बाद भी पुलिस नहीं कर सकी महिला की मृत्यु का खुलासा

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अमेठी जनपद के गौरीगंज में जामों रोड पर स्थिति निजी नर्सिंग होम एवं केया हॉस्पिटल में जहाँ पाँच दिन पहले आपरेशन करवाने आई गौरीगंज थाना क्षेत्र के पूरे उसरहन गांव की निवासी राम मिलन की पत्नी कंचन को डाक्टरो क़े द्वारा एनस्थीसिया का ओवरडोज दिया गया जिससे महिला की हालत अचानक खराब हो गई तो वहाँ क़े कर्मचारियों और डाक्टरो क़े द्वारा परिजनों को यह बताया गया की महिला को लखनऊ ले जाना पड़ेगा। वहाँ के डाक्टरो वा कर्मचारियों नें महिला को अपने प्राइवेट एंबुलेंस से लखनऊ के लिए रवाना हुए। और महिला के घर के सारे परिजनों को उतार दिया गया। एंबुलेंस जामो बाजार पहुंची थी कि। परिजनों के द्वारा एंबुलेंस को रास्ते में घेर लिया गया क्योंकि उन्हें शंका था कि महिला की मृत्यु हो चुकी है। परिजनों के लाख जिद करने पर एंबुलेंस को दोबारा वापस लाया गया। लेकिन इस बार उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जिला हॉस्पिटल असैदापुर में इलाज के लिए लेजाया गया।लेकिन वहाँ के डॉक्टरों ने महिला को एडमिट करने से मना कर दिया क्योंकि महिला की पहले से मृत्यु हो चुकी थी।

मौके पर पहुंची पुलिस घटना की छानबीन में जुटी 

इस बात की जानकारी होने के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। वहीं दूसरी तरफ परिजनों ने सड़क पर लेट करके केया नर्सिंग होम के डाक्टरों पर गंभीर आरोप लगाते हुए। विरोध प्रदर्शन किया और सड़क जाम कर दिया। तो मौके पर पहुंचे गौरीगंज कोतवाली की पुलिस और नायब तहसीलदार एवं उप जिलाधिकारी मामले को संभालने में जुट गए। मौके पर पहुंचे उप जिलाधिकारी ने जिस प्रकार से मामले को गंभीरता से लिया और तत्काल मुख्य चिकित्सा अधिकारी को यह निर्देश दिया की जांच कर कार्यवाही की जाए। और परिजनों के ना चाहते हुए भी पुलिस नें शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्ट मार्टम क़े लिए भेज दिया।वहीं अगर दूसरी तरफ देखा जाए तो यह केया नर्सिंग होम का कोई पहला मामला नहीं है कई मामले और भी ऐसे आए हैं।मगर लोगों तक जानकारी होने से पहले ही अस्पताल के कर्मचारियों के द्वारा मामले को रफा दफा कर दिया गया। कुछ महीने पहले ऐसे ही एक मामला जिले के मुंशीगंज के संजय गांधी हॉस्पिटल में भी हुआ था। जहाँ ऑपरेशन करवाने आई एक महिला की मृत्यु हो गई थी।लेकिन वहां परिजनों के विरोध करने पर प्रशासन के द्वारा हॉस्पिटल के लाइसेंस को निलंबित कर दिया गया था। और हॉस्पिटल में ताला लगवा दिया गया था। और अगर बात की जाए केया नर्सिंग होम की जो की केयर नर्सिंग होम किसी सुधा कनौजिया के नाम से है।और उसके पार्टनर मौके पर संयुक्त जिला अस्पताल अमेठी जनपद क़े गौरीगंज में कमरा नंबर दो में बैठने वाले डॉक्टर पीतांबर कनौजिया है। और मुख्य चिकित्सा अधिकारी से बात करने पर यह बताया गया कि मामले की जांच की जा रही है जांच आने पर ही कोई कार्रवाई की जाएगी।

उच्चाधिकारियों की लापरवाही की वजह से अभी तक नहीं हो पाया महिला के मृत्यु का खुलासा 

तो यहाँ पर बात यह आ रही है कि होना हो मामला सरकारी चिकित्सा अधिकारी से जुड़ी हुई है। अब देखना यह होगा कि आखिर किस तरह से मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर अंशुमान सिंह द्वारा केया हॉस्पिटल पर कोई कार्रवाई की जाएगी अगर देखा जाए तो जनपद में यह कोई एक नया मामला नहीं है इससे पहले भी कई और मामले सामने आए हैं। जिन पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर अंशुमान सिंह द्वारा कठोर कार्रवाई की गई है। वहीं मृतक महिला क़े छोटे छोटे दो बच्चे भी है। लेकिन अभी तक इस घटना के बारे में पुलिस वा उच्चाधिकारियों क़े द्वारा कोई खुलासा नहीं किया गया।