सडक निर्माण में प्रयोग किया जा रहा है खेतो का का पीला बालू

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सड़क निर्माण में प्रयोग किया जा रहा है खेतो का पीला बालू

अधिक धन कमाने के चक्कर मे जनहित की बात टांग दी जाती है खूंटी पर

लखनऊ।विकास गोसाईगंज के गांव मलौली में पूर्व प्रधान सुबोध सिंह यादव के घर राम सागर यादव के घर को पार करते हुए आर सी सी सड़क का निर्माण किया जा रहा है।इस कार्य में आर सी सी गिट्टी के साथ खेतो के पीले बालू का प्रयोग किया जा रहा है। इसी बात की लेकर भाकियू अवध (राजू गुप्ता) के जिला अध्यक्ष सरदार सिंह गौतम ने नाराजगी व्यक्त की है।उनकी ओर से काम को रुकवा देने के साथ ठेकेदार को किसी भी प्रकार के भुगतान न करने की बात कही गई है।

सड़क निर्माण में प्रयोग किया जा रहा है खेतो का पीला बालू अधिक धन कमाने के चक्कर मे जनहित की बात टांग दी जाती है खूंटी पर भाकियू नेता ने व्यक्त की नाराजगी,कहा कि रोका जाय भुगतान लखनऊ।विकास गोसाईगंज के गांव मलौली में पूर्व प्रधान सुबोध सिंह यादव के घर राम सागर यादव के घर को पार करते हुए आर सी सी सड़क का निर्माण किया जा रहा है।इस कार्य में आर सी सी गिट्टी के साथ खेतो के पीले बालू का प्रयोग किया जा रहा है। इसी बात की लेकर भाकियू अवध (राजू गुप्ता) के जिला अध्यक्ष सरदार सिंह गौतम ने नाराजगी व्यक्त की है।उनकी ओर से काम को रुकवा देने के साथ ठेकेदार को किसी भी प्रकार के भुगतान न करने की बात कही गई है।मलौली की इस सड़क का निर्माण कराने वाले ठेकेदार से संपर्क करके जानकारी लेने का प्रयास किया गया लेकिन ठेकेदार ने फोन उठा कर बात करने की आवश्यकता नहीं समझी।ठेकेदार के इस रवैए से अनुमान लगाए जा रहा कि वह जरूर सत्तारूढ़ पार्टी से जुड़े किसी वजनदार व्यक्ति का खास होगा।शायद इसी लिए उसने खेतो के बालू को प्रयोग करने साहस किया।सड़क के निर्माण कार्य को देखते हुए इस पर अभी से प्रश्न चिन्ह(?) लग गया है। 240 मीटर लंबाई वाली आर सी सी की यह सड़क कितने दिनों तक गांव वालो या उस मार्ग से गुजरने वाले अन्य लोगो के काम आ सकेगी यह कहना नामुमकिन लग रहा है।लोग कहते है कि एक समय ऐसा भी था जब लोगो को सरकार द्वारा कराए गए किसी भी निर्माण पर पूरा भरोसा होता था लेकिन अब ऐसा नहीं है। अब तो हर सरकारी निर्माण के मामले में ठेकेदारों द्वारा धन कमाऊ नीति के तहत काम किया जाता है। सभी अधिक धन कमाने के चक्कर मे जनहित की बात को खूंटी पर टांग देते है।

भाकियू नेता ने व्यक्त की नाराजगी,कहा कि रोका जाय भुगतान

मलौली की इस सड़क का निर्माण कराने वाले ठेकेदार से संपर्क करके जानकारी लेने का प्रयास किया गया लेकिन ठेकेदार ने फोन उठा कर बात करने की आवश्यकता नहीं समझी।ठेकेदार के इस रवैए से अनुमान लगाए जा रहा कि वह जरूर सत्तारूढ़ पार्टी से जुड़े किसी वजनदार व्यक्ति का खास होगा।शायद इसी लिए उसने खेतो के बालू को प्रयोग करने साहस किया।सड़क के निर्माण कार्य को देखते हुए इस पर अभी से प्रश्न चिन्ह(?) लग गया है।

240 मीटर लंबाई वाली आर सी सी की यह सड़क कितने दिनों तक गांव वालो या उस मार्ग से गुजरने वाले अन्य लोगो के काम आ सकेगी यह कहना नामुमकिन लग रहा है।लोग कहते है कि एक समय ऐसा भी था जब लोगो को सरकार द्वारा कराए गए किसी भी निर्माण पर पूरा भरोसा होता था लेकिन अब ऐसा नहीं है। अब तो हर सरकारी निर्माण के मामले में ठेकेदारों द्वारा धन कमाऊ नीति के तहत काम किया जाता है। सभीअधिक धन कमाने के चक्कर मे जनहित की बात को खूंटी पर टांग देते है।